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मुंबई: भारत के सबसे सम्मानित उद्योगपति और टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन नवल टाटा (Ratan Tata) का 9 अक्टूबर की रात मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। वे 86 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से पूरा देश शोक में डूब गया है। वे पिछले कुछ दिनों से उम्र संबंधी बीमारियों के कारण आईसीयू में भर्ती थे। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने एक बयान जारी कर कहा, "हमने सिर्फ एक चेयरमैन नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक खो दिया है।"
नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक का साम्राज्य
1991 में जेआरडी टाटा के बाद टाटा ग्रुप की कमान संभालने वाले रतन टाटा ने समूह को वैश्विक ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनके नेतृत्व में टाटा ने टेटली, कोरस स्टील और जगुआर लैंड रोवर (JLR) जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स का अधिग्रहण किया। उन्होंने देश को सबसे सस्ती कार 'नैनो' (Nano) दी, जो आम आदमी का सपना पूरा करने की उनकी जिद थी। 100 अरब डॉलर से ज्यादा के साम्राज्य के मालिक होने के बावजूद, वे अपनी सादगी और दरियादिली के लिए जाने जाते थे।
राजकीय सम्मान के साथ विदाई
महाराष्ट्र सरकार ने उनके सम्मान में एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "श्री रतन टाटा जी एक विजनरी बिजनेस लीडर, एक दयालु आत्मा और एक असाधारण इंसान थे।" मुकेश अंबानी, सुंदर पिचाई और बिल गेट्स समेत दुनिया भर के दिग्गजों ने उन्हें याद किया। उनका अंतिम संस्कार वर्ली श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। उनके जाने से भारतीय उद्योग जगत में जो खालीपन आया है, उसे शायद ही कभी भरा जा सके।