अमरावती/तिरुपति: आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर के 'लड्डू प्रसादम' में मिलावट की खबरों ने देश भर के श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू (Chandrababu Naidu) ने पिछली जगन रेड्डी सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने लड्डू बनाने वाले घी में जानवरों की चर्बी (Animal Fat) और फिश ऑयल का इस्तेमाल किया था।
टीडीपी ने गुजरात की एक लैब (NDDB) की रिपोर्ट सार्वजनिक की, जिसमें घी के नमूनों में 'बीफ टैलो' (गोमांस की चर्बी) और 'लॉर्ड' (सूअर की चर्बी) होने की पुष्टि का दावा किया गया। इस खुलासे के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया। मंदिर प्रशासन (TTD) ने मंदिर का शुद्धिकरण (शांति होम) करवाया और घी सप्लायर को ब्लैकलिस्ट कर दिया।
वाईएसआरसीपी प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने इन आरोपों को झूठा और राजनीति से प्रेरित बताया और पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी। सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले का संज्ञान लिया और कहा कि "भगवान को राजनीति से दूर रखें।" केंद्र सरकार ने भी रिपोर्ट मांगी है। यह मामला आस्था और सियासत का केंद्र बन गया है।