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One Nation One Election: 'एक देश, एक चुनाव' को कैबिनेट की मंजूरी; रामनाथ कोविंद कमेटी की रिपोर्ट स्वीकार, संसद में बिल पेश करने की तैयारी

नई दिल्ली: भारत के चुनावी इतिहास में एक बड़े सुधार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, केंद्रीय कैबिनेट ने आज (18 सितंबर 2024) 'वन नेशन, वन इलेक्शन' (One Nation, One Election) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है, जिसने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की सिफारिश की थी।

Ram Nath Kovind
Image Source: Wikimedia Commons

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि पहले चरण में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाएं, और दूसरे चरण में (100 दिनों के भीतर) नगर पालिका और पंचायत चुनाव भी इनके साथ जोड़ दिए जाएं। इसके लिए संविधान के कम से कम 5 अनुच्छेदों में संशोधन करना होगा। सरकार का तर्क है कि बार-बार चुनाव होने से विकास कार्य रुकते हैं, सरकारी खजाने पर बोझ पड़ता है और प्रशासनिक मशीनरी व्यस्त रहती है। एक साथ चुनाव कराने से देश का फोकस विकास पर रहेगा।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इसे लागू करने के लिए आम सहमति बनाई जाएगी और शीतकालीन सत्र में बिल पेश किया जा सकता है। हालांकि, कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके समेत कई विपक्षी दलों ने इसका कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि यह संघीय ढांचे (Federal Structure) पर हमला है और क्षेत्रीय मुद्दों को राष्ट्रीय मुद्दों के नीचे दबा देगा।

One Nation One Election Concept
Image Credit: AI Generated

अगर यह लागू होता है, तो यह 1967 के बाद पहली बार होगा जब देश में एक साथ चुनाव होंगे। जानकारों का मानना है कि इसे लागू करना लॉजिस्टिक और संवैधानिक रूप से एक बड़ी चुनौती होगी, लेकिन सरकार इसे 2029 तक अमल में लाने के लिए प्रतिबद्ध दिख रही है।

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