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जेनेवा/नई दिल्ली: दुनिया अभी कोरोना महामारी के असर से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि एक और वायरस ने दरवाजे पर दस्तक दे दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अफ्रीका के कई देशों में तेजी से फैल रहे एमपॉक्स (Mpox - पहले मंकीपॉक्स) के नए और घातक स्ट्रेन 'Clade 1b' को लेकर 'पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न' (PHEIC) घोषित कर दिया है। यह वायरस अब अफ्रीका से निकलकर स्वीडन और पाकिस्तान तक पहुंच चुका है।
भारत में कितनी है तैयारी?
भारत सरकार ने तुरंत हरकत में आते हुए सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर अलर्ट जारी कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी की है कि विदेश से आने वाले जिन यात्रियों में बुखार, त्वचा पर दाने या लिंफ नोड्स में सूजन जैसे लक्षण दिखें, उन्हें तुरंत आइसोलेट किया जाए। दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल समेत कई अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं।
कैसे फैलता है यह वायरस?
एमपॉक्स संक्रमित व्यक्ति या जानवर के निकट संपर्क (Close Contact) से फैलता है। यह यौन संपर्क, सांस की बूंदों या संक्रमित बिस्तर/कपड़ों से भी फैल सकता है। हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि यह कोविड-19 की तरह हवा में नहीं फैलता, इसलिए इसके महामारी बनने का खतरा कम है, लेकिन सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। इसके लक्षण चेचक (Chickenpox) से मिलते-जुलते हैं लेकिन ज्यादा दर्दनाक हो सकते हैं।