कोलकाता: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (RG Kar Medical College) में 9 अगस्त को एक पोस्ट-ग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए रेप और हत्या के जघन्य कांड ने पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। 31 वर्षीय डॉक्टर का शव सेमिनार हॉल में संदिग्ध हालत में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बर्बरता की पुष्टि हुई। इस घटना ने महिला सुरक्षा और कार्यस्थल पर डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ दिया है।
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घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की भूमिका संदिग्ध रही। पहले इसे आत्महत्या बताने की कोशिश की गई और फिर नवीनीकरण (Renovation) के नाम पर क्राइम सीन के पास तोड़फोड़ की गई। इसके विरोध में कोलकाता से लेकर दिल्ली (AIIMS) तक रेजीडेंट डॉक्टर्स हड़ताल पर चले गए। 14 अगस्त की रात 'Reclaim the Night' मार्च में हजारों महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया, जिस दौरान अस्पताल में भीड़ ने घुसकर तोड़फोड़ भी की।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच पुलिस से लेकर सीबीआई (CBI) को सौंप दी। मुख्य आरोपी संजय रॉय, जो एक सिविक वॉलंटियर है, को गिरफ्तार किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए नेशनल टास्क फोर्स (NTF) का गठन किया है जो डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए प्रोटोकॉल बनाएगी।
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पीड़िता को 'अभया' और 'तिलोत्तमा' नाम दिया गया है। यह आंदोलन निर्भया कांड के बाद देश का सबसे बड़ा महिला सुरक्षा आंदोलन बन गया है, जिसने पश्चिम बंगाल सरकार को भी बैकफुट पर ला दिया है।