नई दिल्ली: मोदी सरकार 3.0 का पहला पूर्ण बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (23 जुलाई 2024) संसद में पेश किया। लगातार सातवां बजट पेश कर उन्होंने इतिहास रच दिया। इस बजट का मुख्य फोकस रोजगार (Employment), कौशल विकास (Skilling), एमएसएमई (MSME) और मध्यम वर्ग पर रहा। सरकार ने रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं (ELIs) के लिए 2 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जिसमें पहली नौकरी पाने वालों को एक महीने का वेतन (15,000 रुपये तक) दिया जाएगा।
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राजनीतिक मजबूरी कहें या गठबंधन धर्म, बजट में बिहार और आंध्र प्रदेश (एनडीए के प्रमुख सहयोगियों के राज्य) पर धनवर्षा की गई। बिहार को सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 26,000 करोड़ और आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती के विकास के लिए 15,000 करोड़ रुपये की विशेष सहायता दी गई है। इसके अलावा, न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) में स्लैब में बदलाव कर वेतनभोगियों को 17,500 रुपये तक की मामूली राहत दी गई है।
सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी घटाकर 6% कर दी गई है, जिससे ज्वैलरी सस्ती होगी। मोबाइल फोन और चार्जर भी सस्ते होंगे। हालांकि, शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स (STCG) 15% से बढ़ाकर 20% और लॉन्ग टर्म (LTCG) 10% से 12.5% करने से शेयर बाजार के निवेशकों को झटका लगा है।
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विपक्ष ने इसे "कुर्सी बचाओ बजट" करार दिया और कहा कि इसमें महंगाई और बेरोजगारी का कोई ठोस समाधान नहीं है। वहीं, पीएम मोदी ने इसे विकसित भारत की नींव रखने वाला बजट बताया।