कोलकाता: चक्रवाती तूफान 'रेमल' (Cyclone Remal) ने 26 मई की रात पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों पर दस्तक दी और भारी तबाही मचाई। लैंडफॉल के वक्त हवा की रफ्तार 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। कोलकाता और तटीय जिलों (उत्तर और दक्षिण 24 परगना) में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने सैकड़ों पेड़ उखाड़ दिए और बिजली के खंभे गिरा दिए।
कोलकाता एयरपोर्ट को लगभग 21 घंटे के लिए बंद रखना पड़ा और लोकल ट्रेन सेवाएं भी बाधित रहीं। बंगाल में तूफान से जुड़ी घटनाओं में 6 लोगों की मौत की खबर है, जबकि बांग्लादेश में 10 लोगों की जान गई। लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। कई निचले इलाकों में पानी भर गया और कच्चे मकान ढह गए।
यह इस साल बंगाल की खाड़ी में आने वाला पहला प्री-मानसून चक्रवात था। एनडीआरएफ की टीमों ने राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया। तूफान के गुजरने के बाद अब प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है। सुंदरबन के मैंग्रोव वनों को भी नुकसान पहुंचा है।