कान्स (फ्रांस): 77वें कान फिल्म फेस्टिवल (Cannes Film Festival 2024) में भारतीय सिनेमा ने अपना डंका बजाया है। फिल्म निर्माता पायल कपाड़िया (Payal Kapadia) की फिल्म 'All We Imagine as Light' ने प्रतिष्ठित ग्रैंड प्रिक्स (Grand Prix) पुरस्कार जीता है, जो फेस्टिवल का दूसरा सबसे बड़ा सम्मान है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह पहली भारतीय फिल्म निर्माता बन गई हैं। यह 30 साल बाद था जब कोई भारतीय फिल्म मुख्य प्रतियोगिता (Main Competition) में शामिल हुई थी।
खुशी यहीं नहीं रुकी। अभिनेत्री अनसूया सेनगुप्ता (Anasuya Sengupta) ने फिल्म 'द शेमलेस' (The Shameless) के लिए 'अन सर्टेन रिगार्ड' श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीतकर इतिहास रच दिया। वह यह सम्मान पाने वाली पहली भारतीय बनीं। इसके अलावा, एफटीआईआई (FTII) के छात्र चिदानंद एस नाइक की लघु फिल्म 'सनफ्लावर्स वर द फर्स्ट वन्स टू नो' ने ला सिनेफ श्रेणी में प्रथम पुरस्कार जीता।
पायल कपाड़िया की फिल्म दो नर्सों की कहानी है जो मुंबई में रहती हैं। पीएम मोदी, राहुल गांधी और पूरे बॉलीवुड ने इस ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी। यह साल भारतीय स्वतंत्र सिनेमा (Indie Cinema) के लिए वैश्विक मंच पर मील का पत्थर साबित हुआ है।