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नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली की राजनीति में आज (21 मार्च) एक अभूतपूर्व घटना घटी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को उनके सिविल लाइंस स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई दिल्ली आबकारी नीति (Liquor Policy) में कथित घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की गई है। केजरीवाल भारत के इतिहास में पद पर रहते हुए गिरफ्तार होने वाले पहले मौजूदा मुख्यमंत्री बन गए हैं।
9 समन के बाद हथकड़ी
ईडी ने केजरीवाल को पूछताछ के लिए 9 बार समन भेजा था, लेकिन वे पेश नहीं हुए और इसे 'राजनीति से प्रेरित' बताते रहे। गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले ही दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें दंडात्मक कार्रवाई से राहत देने से इनकार कर दिया था। ईडी की टीम शाम को उनके घर पहुंची, 2 घंटे तलाशी ली और फिर उन्हें गिरफ्तार कर मुख्यालय ले गई। उनके साथ मनीष सिसोदिया और संजय सिंह पहले ही इस मामले में जेल में हैं।
'जेल से चलेगी सरकार'
आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि केजरीवाल इस्तीफा नहीं देंगे और "जेल से ही सरकार चलाएंगे"। आप कार्यकर्ताओं ने दिल्ली समेत पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आतिशी ने कहा, "यह लोकतंत्र की हत्या है। मोदी सरकार चुनाव से पहले विपक्ष को खत्म करना चाहती है।" दूसरी ओर, भाजपा ने इसे "भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून का काम" बताया है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले हुई यह गिरफ्तारी देश की राजनीति को गरमा गई है।