नई दिल्ली: साल 2024 में केंद्र सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' (Bharat Ratna) देने के मामले में सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। एक ही साल में 5 विभूतियों को इस सम्मान से नवाजा गया है, जो अब तक का सर्वाधिक है (इससे पहले 1999 में 4 लोगों को मिला था)। सरकार ने पूर्व उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर (मरणोपरांत), पूर्व पीएम पीवी नरसिम्हा राव, पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह और हरित क्रांति के जनक एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने का ऐलान किया है।
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पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर इन नामों की घोषणा करते हुए उनके योगदान को याद किया। कर्पूरी ठाकुर को सम्मान देकर बिहार की ओबीसी राजनीति को साधा गया, वहीं चौधरी चरण सिंह के जरिए पश्चिमी यूपी के किसानों और जाट वोटबैंक को संदेश दिया गया। नरसिम्हा राव को सम्मान देना कांग्रेस को असहज करने वाला कदम माना जा रहा है, क्योंकि गांधी परिवार से उनके रिश्ते तनावपूर्ण थे।
लालकृष्ण आडवाणी, जो भाजपा के संस्थापक सदस्यों में से हैं और राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरे थे, को राम मंदिर निर्माण के ठीक बाद यह सम्मान मिला। पीएम मोदी खुद उनके घर जाकर उन्हें बधाई दी। एमएस स्वामीनाथन को सम्मान देकर सरकार ने कृषि क्षेत्र में उनके योगदान को सराहा है।
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विपक्ष ने इसे "चुनावी मास्टरस्ट्रोक" बताया है। जयंत चौधरी (चरण सिंह के पोते) ने तो यहां तक कह दिया, "दिल जीत लिया" और एनडीए में शामिल हो गए। इन फैसलों ने लोकसभा चुनाव से पहले सियासी समीकरणों को काफी हद तक बदल दिया है।