नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का काला सच आज (8 नवंबर 2023) तब सामने आया जब मशहूर अभिनेत्री रश्मिका मंदाना (Rashmika Mandanna) का एक 'डीपफेक' (Deepfake) वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में एक ब्रिटिश इन्फ्लुएंसर (जारा पटेल) के शरीर पर रश्मिका का चेहरा डिजिटल तरीके से लगा दिया गया था। यह इतना असली लग रहा था कि पहली नजर में कोई भी धोखा खा जाए। अमिताभ बच्चन समेत कई हस्तियों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और कानूनी कार्रवाई की मांग की।
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मामला इतना गंभीर हो गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "डीपफेक लोकतंत्र और समाज के लिए एक बड़ा खतरा है। हमें एआई का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करना होगा।" केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को समन भेजा और स्पष्ट किया कि डीपफेक बनाने और फैलाने वालों को आईटी एक्ट के तहत 3 साल तक की जेल हो सकती है।
सरकार ने सभी प्लेटफॉर्म्स को ऐसे कंटेंट को 24 घंटे के अंदर हटाने का आदेश दिया है। इस घटना ने देश में एआई रेगुलेशन (AI Regulation) की बहस छेड़ दी है। रश्मिका ने एक भावुक पोस्ट में लिखा, "यह न केवल मेरे लिए, बल्कि हर उस लड़की के लिए डरावना है जो तकनीक के इस दुरुपयोग का शिकार हो सकती है।"
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दिल्ली पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और तकनीकी जांच शुरू कर दी है। यह घटना डिजिटल युग में निजता और सुरक्षा की नई चुनौतियों को उजागर करती है।