नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के महानतम स्पिनरों में से एक और पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी (Bishan Singh Bedi) का 23 अक्टूबर को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 77 वर्ष के थे। बेदी भारत की उस मशहूर स्पिन चौकड़ी (बेदी, प्रसन्ना, चंद्रशेखर, वेंकटराघवन) का हिस्सा थे जिसने 70 के दशक में दुनिया भर के बल्लेबाजों को नचाया था। उनके निधन से क्रिकेट जगत ने एक सच्चा लिजेंड और बेबाक आवाज खो दी है।
बाएं हाथ के स्पिनर बेदी ने भारत के लिए 67 टेस्ट मैचों में 266 विकेट लिए थे। उनकी गेंदबाजी में एक कलात्मकता और लय थी जो बिरले ही देखने को मिलती है। वे अपनी स्पष्टवादिता के लिए भी जाने जाते थे और क्रिकेट प्रशासन में गलतियों के खिलाफ हमेशा आवाज उठाते थे। अभिनेता अंगद बेदी उनके पुत्र हैं।
पीएम मोदी, कपिल देव, सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। वर्ल्ड कप के दौरान धर्मशाला में भारत-न्यूजीलैंड मैच में खिलाड़ियों ने उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए काली पट्टी बांधी। उनका जाना एक युग का अंत है, लेकिन उनकी फिरकी का जादू हमेशा याद रहेगा।