मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) से अलग हुई वित्तीय सेवा इकाई जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (JFS) की 21 अगस्त को शेयर बाजार में बहुप्रतीक्षित लिस्टिंग हुई। हालांकि, शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। बीएसई पर शेयर 265 रुपये पर लिस्ट हुआ, जो कि डिस्कवरी प्राइस (261.85 रुपये) से थोड़ा ऊपर था, लेकिन खुलते ही इसमें गिरावट शुरू हो गई और यह 5% के लोअर सर्किट पर बंद हुआ।
मुकेश अंबानी की इस कंपनी से निवेशकों को बजाज फाइनेंस जैसी सफलता की उम्मीद है। लिस्टिंग सेरेमनी में ईशा अंबानी ने घंटी बजाकर कारोबार की शुरुआत की। जेएफएस का लक्ष्य डिजिटल लेंडिंग, इंश्योरेंस और एसेट मैनेजमेंट में बड़ी पैठ बनाना है। कंपनी ने पहले ही ब्लैकरॉक (BlackRock) के साथ मिलकर म्यूचुअल फंड बिजनेस के लिए जॉइंट वेंचर की घोषणा कर दी है।
शुरुआती गिरावट का कारण इंडेक्स फंड्स द्वारा अनिवार्य बिकवाली को माना जा रहा है क्योंकि जेएफएस को सेंसेक्स और निफ्टी से बाहर किया जाना था। विश्लेषकों का मानना है कि रिलायंस के विशाल डेटाबेस और नेटवर्क का फायदा जेएफएस को लॉन्ग टर्म में मिलेगा, लेकिन शॉर्ट टर्म में इसमें अस्थिरता रह सकती है।