श्रीहरिकोटा: "वंदे मातरम" और "भारत माता की जय" के उद्घोष के साथ आज (14 जुलाई) भारत ने अंतरिक्ष में एक और लंबी छलांग लगाई है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने दोपहर 2:35 बजे सतीश धवन स्पेस सेंटर से अपने तीसरे मून मिशन चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। जैसे ही 'बाहुबली' रॉकेट LVM3-M4 ने आसमान का सीना चीरते हुए उड़ान भरी, पूरा देश गर्व से झूम उठा।
मकसद: चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग
चंद्रयान-2 की आंशिक विफलता से सबक लेते हुए इसरो ने इस बार कई बदलाव किए हैं। इसका मुख्य लक्ष्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव (South Pole) पर सॉफ्ट लैंडिंग करना है, जहां आज तक कोई देश नहीं पहुंच पाया है। अगर यह मिशन सफल होता है (लैंडिंग की तारीख 23 अगस्त है), तो भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाएगा।
पीएम मोदी बोले- नया अध्याय
फ्रांस दौरे पर गए पीएम मोदी ने ट्वीट किया, "चंद्रयान-3 ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक नया अध्याय लिखा है। यह हर भारतीय के सपनों और महत्वाकांक्षाओं को ऊंची उड़ान देता है।" लैंडर 'विक्रम' और रोवर 'प्रज्ञान' 40 दिन का सफर तय कर चांद की सतह पर उतरेंगे और वहां की मिट्टी और पानी की खोज करेंगे।