नई दिल्ली/खारतूम: अफ्रीकी देश सूडान में सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच छिड़े भीषण गृहयुद्ध में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार ने 'ऑपरेशन कावेरी' (Operation Kaveri) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस मिशन के तहत करीब 3,862 भारतीयों को युद्धग्रस्त क्षेत्र से बाहर निकाला गया। भारतीय नौसेना के जहाज INS सुमेधा और वायुसेना के C-130J हरक्यूलिस विमानों ने इस अभियान में मुख्य भूमिका निभाई।
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इस ऑपरेशन का सबसे रोंगटे खड़े करने वाला पल वादी सैय्यदना (Wadi Sayyidna) एयरबेस पर हुआ। खराब रनवे, रात का घना अंधेरा और नेविगेशन लाइट न होने के बावजूद, भारतीय वायुसेना के जांबाज पायलटों ने नाइट विजन गॉगल्स (NVG) का इस्तेमाल कर C-130J विमान को लैंड कराया और वहां फंसे 121 भारतीयों को एयरलिफ्ट किया, जिनमें गर्भवती महिलाएं भी शामिल थीं। कर्नाटक के 'हक्की पिक्की' आदिवासी समुदाय के लोगों को भी सुरक्षित वापस लाया गया।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, "पीएम मोदी का निर्देश साफ था - कोई भी भारतीय पीछे नहीं छूटना चाहिए।" भारत ने पोर्ट सूडान और जेद्दा (सऊदी अरब) के रास्ते एक ट्रांजिट कॉरिडोर बनाया।
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वापस लौटे नागरिकों ने 'भारत माता की जय' के नारे लगाए और बताया कि कैसे वहां गोलियों की बारिश हो रही थी और वे बंकरों में छिपे थे। यह ऑपरेशन एक बार फिर भारत की अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और सेना की क्षमता को दर्शाता है।