नई दिल्ली: भारतीय राजनीति में एक बहुत बड़ा भूचाल आया है। लोकसभा सचिवालय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की संसद सदस्यता रद्द (Disqualify) कर दी है। यह कार्रवाई सूरत की एक अदालत द्वारा उन्हें 'मोदी सरनेम' मानहानि मामले में 2 साल की सजा सुनाए जाने के 24 घंटे के भीतर की गई। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत, यदि किसी सांसद या विधायक को 2 साल या उससे अधिक की सजा होती है, तो उसकी सदस्यता तुरंत चली जाती है।
राहुल गांधी केरल के वायनाड से सांसद थे। 2019 के चुनाव प्रचार के दौरान कर्नाटक में एक रैली में उन्होंने कहा था, "सारे चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है?" इस बयान पर गुजरात के भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने मानहानि का केस दर्ज कराया था। कांग्रेस ने इसे "लोकतंत्र की हत्या" और "राजनीतिक प्रतिशोध" बताया है और देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।
प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, "डरी हुई सत्ता की मशीनरी साम, दाम, दंड, भेद लगाकर राहुल गांधी जी की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।" दूसरी ओर, भाजपा ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है और ओबीसी समाज का अपमान करने की सजा उन्हें मिली है। राहुल गांधी को अपना सरकारी बंगला भी खाली करना पड़ सकता है।