रुड़की/देहरादून: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) शुक्रवार (30 दिसंबर) सुबह एक भयावह सड़क हादसे का शिकार हो गए। दिल्ली से अपने घर रुड़की जा रहे पंत की तेज रफ्तार मर्सिडीज कार नारसन बॉर्डर के पास मोहम्मदपुर जट इलाके में अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार हवा में कई बार पलटी और उसमें तुरंत भीषण आग लग गई।
शीशा तोड़ा और लंगड़ाते हुए बाहर निकले
यह हादसा सुबह करीब 5:30 बजे हुआ। ऋषभ पंत कार में अकेले थे और खुद ड्राइव कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, पंत को झपकी (नींद) आ गई थी, जिससे कार बेकाबू हो गई। जैसे ही कार में आग लगी, पंत ने सूझबूझ दिखाते हुए विंडस्क्रीन (सामने का शीशा) तोड़ा और खून से लथपथ हालत में बाहर निकले। कुछ ही सेकंड में करोड़ों की कार जलकर खाक हो गई।
'देवदूत' बने बस ड्राइवर और कंडक्टर
मौके पर सबसे पहले हरियाणा रोडवेज की एक बस पहुंची। बस ड्राइवर सुशील कुमार और कंडक्टर परमजीत ने पंत को सड़क पर तड़पते देखा। उन्होंने तुरंत बस रोकी और पंत को संभाला, उन्हें अपनी चादर ओढ़ाई और एंबुलेंस को कॉल किया। सुशील कुमार ने बताया, "मैंने उन्हें पहचाना नहीं था, उन्होंने खुद बताया कि मैं ऋषभ पंत हूं। उनके सिर और पीठ से खून बह रहा था।"
माँ को सरप्राइज देने जा रहे थे, अब मैक्स में भर्ती
ऋषभ पंत अपनी मां को सरप्राइज देने के लिए घर जा रहे थे ताकि न्यू ईयर उनके साथ मना सकें। फिलहाल उन्हें देहरादून के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, पंत के माथे पर दो कट हैं, दाहिने घुटने में लिगामेंट फट गया है और पीठ में रगड़ के निशान हैं। गनीमत रही कि कोई हड्डी नहीं टूटी और वे खतरे से बाहर हैं। पीएम मोदी ने उनकी मां से फोन पर बात कर हाल जाना है। क्रिकेट जगत उनकी सलामती की दुआ मांग रहा है।