नई दिल्ली: भारत के लिए आज (1 दिसंबर 2022) का दिन कूटनीतिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है। भारत ने आधिकारिक तौर पर दुनिया की सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्थाओं के समूह G20 की अध्यक्षता (G20 Presidency) ग्रहण कर ली है। यह जिम्मेदारी इंडोनेशिया से भारत को मिली है। अगले एक साल तक भारत दुनिया के एजेंडे को दिशा देगा। इस ऐतिहासिक मौके पर देश भर में जश्न का माहौल है और लाल किला, कुतुब मीनार समेत 100 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों को G20 के लोगो (Logo) के साथ रोशन किया गया है।
Image Source: Wikimedia Commons
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अध्यक्षता की थीम 'वसुधैव कुटुम्बकम' (One Earth, One Family, One Future) रखी है। उन्होंने कहा, "भारत की G20 अध्यक्षता समावेशी, महत्वाकांक्षी, निर्णायक और कार्य-उन्मुख होगी। हम दुनिया में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे।" यह भारत के लिए अपनी संस्कृति, विरासत और बढ़ती आर्थिक ताकत को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का एक बड़ा मंच है।
अगले एक साल में भारत के 50 से अधिक शहरों में 200 से ज्यादा बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिसका समापन सितंबर 2023 में नई दिल्ली में राष्ट्रध्यक्षों के शिखर सम्मेलन के साथ होगा। यह आयोजन पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बूस्ट देगा।
Image Credit: AI Generated
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक मंदी के बीच भारत की अध्यक्षता बहुत महत्वपूर्ण है। भारत ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) की आवाज बनकर उभरेगा।