गुरुग्राम/सैफई: भारतीय राजनीति के एक युग का आज अंत हो गया है। समाजवादी पार्टी के संस्थापक, उत्तर प्रदेश के तीन बार के मुख्यमंत्री और देश के पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) का आज सुबह 8:16 बजे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। वे 82 वर्ष के थे और पिछले कई दिनों से आईसीयू में जीवन रक्षक प्रणाली (Ventilator) पर थे। उनके पुत्र और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट कर जानकारी दी, "मेरे आदरणीय पिता जी और सबके नेता जी नहीं रहे।"
पहलवान से राजनेता तक का सफर
'नेताजी' के नाम से मशहूर और समर्थकों के बीच 'धरतीपुत्र' कहे जाने वाले मुलायम सिंह ने यूपी की राजनीति को एक नई दिशा दी थी। एक साधारण शिक्षक और पहलवान से सियासी अखाड़े के सबसे बड़े खिलाड़ी बनने तक का उनका सफर संघर्षों से भरा रहा। उन्होंने लोहियावादी विचारधारा को आगे बढ़ाया और पिछड़ों-दलितों को सत्ता में भागीदारी दिलाई।
पीएम मोदी ने जताया दुख, यूपी में 3 दिन का शोक
उनके निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने उन्हें 'जमीन से जुड़ा जननायक' बताते हुए उनकी पुरानी तस्वीरें साझा कीं। उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके सम्मान में 3 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।
उनके पार्थिव शरीर को एंबुलेंस से उनके पैतृक गांव सैफई (इटावा) ले जाया जा रहा है, जहां हजारों की संख्या में समर्थक अपने नेता की एक झलक पाने के लिए इकट्ठा हो गए हैं। उनका अंतिम संस्कार कल पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।