गांधीनगर: भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। खनन दिग्गज वेदांता (Vedanta) और ताइवान की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी फॉक्सकॉन (Foxconn) ने गुजरात में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले फैब प्लांट लगाने के लिए राज्य सरकार के साथ एक एमओयू (MoU) साइन किया है। यह प्रोजेक्ट 1.54 लाख करोड़ रुपये का है, जो भारत के स्वतंत्र इतिहास में सबसे बड़ा कॉर्पोरेट निवेश है।
इस प्लांट के अहमदाबाद के पास स्थापित होने की उम्मीद है और इससे 1 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने का दावा किया जा रहा है। वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि यह भारत की अपनी 'सिलिकॉन वैली' बनाने की शुरुआत है। यहां बनने वाली चिप्स मोबाइल, लैपटॉप और कारों में इस्तेमाल होंगी, जिसके लिए भारत अभी आयात पर निर्भर है।
हालांकि, इस डील ने एक बड़ा राजनीतिक विवाद भी खड़ा कर दिया है। यह प्रोजेक्ट पहले महाराष्ट्र में लगने वाला था, लेकिन अंतिम समय में गुजरात चला गया, जिससे महाराष्ट्र की शिंदे-फडणवीस सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। पीएम मोदी ने इस डील को भारत की आर्थिक संप्रभुता के लिए महत्वपूर्ण बताया है।