नई दिल्ली: क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में एक क्रांतिकारी बदलाव आ गया है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एथेरियम (Ethereum) का बहुप्रतीक्षित सॉफ्टवेयर अपग्रेड 'द मर्ज' (The Merge) 15 सितंबर को सफलतापूर्वक पूरा हो गया। इस अपडेट के साथ एथेरियम नेटवर्क 'प्रूफ-ऑफ-वर्क' (PoW) से 'प्रूफ-ऑफ-स्टेक' (PoS) तंत्र पर शिफ्ट हो गया है। इसका मतलब है कि अब एथेरियम की माइनिंग (Mining) नहीं होगी।
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एथेरियम नेटवर्क की ऊर्जा खपत में 99.95% की कमी आएगी। पहले इसकी माइनिंग में एक छोटे देश के बराबर बिजली खर्च होती थी, जो पर्यावरण के लिए चिंता का विषय था। एथेरियम के सह-संस्थापक विटालिक ब्यूटिरिन ने इसे ब्लॉकचेन तकनीक के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया।
इस घटना का असर ग्राफिक्स कार्ड (GPU) बाजार पर भी पड़ा है, क्योंकि अब माइनर्स को महंगे कार्ड्स की जरूरत नहीं होगी, जिससे गेमर्स के लिए जीपीयू की कीमतें कम होने की उम्मीद है। हालांकि, 'मर्ज' के तुरंत बाद एथेरियम की कीमतों में थोड़ी गिरावट देखी गई, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि लॉन्ग टर्म में यह क्रिप्टो को अधिक टिकाऊ और स्वीकार्य बनाएगा।