नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे बड़ी पहचान और पूर्व कप्तान मिताली राज (Mithali Raj) ने 8 जून को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है। 39 वर्षीय मिताली ने अपने 23 साल लंबे सुनहरे करियर को अलविदा कह दिया है। जोधपुर में जन्मीं मिताली ने 1999 में आयरलैंड के खिलाफ अपना डेब्यू किया था और अपने पहले ही मैच में शतक जड़कर दुनिया को अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया था।
मिताली राज महिला वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन (7,805) बनाने वाली खिलाड़ी हैं। उन्होंने भारत के लिए 12 टेस्ट, 232 वनडे और 89 टी20 मैच खेले हैं, जिनमें कुल मिलाकर 10,868 रन बनाए हैं। उनकी कप्तानी में भारत दो बार (2005 और 2017) वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा। उन्होंने अपने विदाई संदेश में कहा, "मैं एक छोटी बच्ची के रूप में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए आई थी... यह यात्रा उतार-चढ़ाव भरी रही। अब मुझे लगता है कि यह पर्दा गिराने का सही समय है ताकि युवा खिलाड़ियों को मौका मिल सके।"
क्रिकेट जगत ने उन्हें 'लीजेंड' और 'आइकन' बताकर श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने भी 'मन की बात' में उनके योगदान की सराहना की थी। मिताली राज न केवल एक क्रिकेटर थीं, बल्कि उन्होंने भारत में महिला क्रिकेट को एक नई पहचान और सम्मान दिलाया। उनकी बायोपिक 'शाबाश मिट्ठू' (तापसी पन्नू अभिनीत) भी जल्द रिलीज होने वाली है, जो उनकी प्रेरणादायक कहानी को पर्दे पर दिखाएगी।