नई दिल्ली: भारत में हाई-स्पीड इंटरनेट के नए युग की शुरुआत के लिए बहुप्रतीक्षित 5G स्पेक्ट्रम नीलामी (5G Spectrum Auction) शुरू हो गई है। दूरसंचार विभाग को पहले ही दिन 1.45 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां (Bids) मिलीं, जो उम्मीद से कहीं ज्यादा हैं। मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो (Reliance Jio) सबसे आक्रामक बोली लगाने वाली कंपनी बनकर उभरी है, जिसने सबसे ज्यादा स्पेक्ट्रम हासिल करने के संकेत दिए हैं।
इस नीलामी में भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया (Vi) ने भी हिस्सा लिया। सबसे दिलचस्प पहलू गौतम अडानी (Adani Group) की एंट्री रही, जिन्होंने पहली बार टेलीकॉम सेक्टर में कदम रखा है। हालांकि, अडानी समूह ने स्पष्ट किया है कि वे केवल अपने प्राइवेट नेटवर्क (B2B) के लिए स्पेक्ट्रम खरीद रहे हैं और आम उपभोक्ताओं (Consumer Mobility) के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा नहीं करेंगे।
संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे "बड़ी सफलता" बताया। 700 MHz बैंड, जो अब तक नहीं बिका था, इस बार बिक गया है। इस नीलामी के बाद उम्मीद है कि अक्टूबर 2022 तक देश में 5G सेवाएं शुरू हो जाएंगी। सरकार और कंपनियां दोनों ही डिजिटल इंडिया को नई रफ्तार देने के लिए तैयार हैं।