मुंबई: भारतीय वित्तीय क्षेत्र में एक ऐतिहासिक घटनाक्रम (Mega Merger) के तहत, देश की सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी HDFC Ltd का विलय निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक HDFC Bank में होने जा रहा है। 4 अप्रैल को दोनों कंपनियों के बोर्ड ने इस महाविलय को मंजूरी दे दी। यह भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास की सबसे बड़ी डील मानी जा रही है, जिसकी वैल्यू लगभग 40 अरब डॉलर (3 लाख करोड़ रुपये) है।
इस विलय के बाद HDFC बैंक एक विशाल वित्तीय संस्थान बन जाएगा। सौदे के तहत, एचडीएफसी लिमिटेड के शेयरधारकों को हर 25 शेयरों के बदले एचडीएफसी बैंक के 42 शेयर मिलेंगे। इस खबर के आते ही शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई और दोनों कंपनियों के शेयरों में 10% से ज्यादा का उछाल आया। विलय का मुख्य उद्देश्य होम लोन ग्राहकों को बैंक के कम लागत वाले फंड का लाभ देना और क्रॉस-सेलिंग के अवसर बढ़ाना है।
HDFC बैंक के चेयरमैन ने कहा, "यह विलय समय की मांग है। अब होम लोन और बैंकिंग सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी, जिससे ग्राहकों को फायदा होगा।" विलय की प्रक्रिया पूरी होने में 15 से 18 महीने का समय लग सकता है। यह नई इकाई रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन जाएगी।