नई दिल्ली: होली के रंगों के साथ ही गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। मार्च 2022 ने गर्मी के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। IMD के मुताबिक, यह 122 वर्षों में (1901 के बाद) सबसे गर्म मार्च का महीना रहा है। देश का औसत अधिकतम तापमान 33.10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक है।
Image Source: Wikimedia Commons (Representative)
विशेष रूप से उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में लू (Heatwave) का प्रकोप समय से बहुत पहले शुरू हो गया है। राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और विदर्भ के कई हिस्सों में पारा 40 से 42 डिग्री के पार पहुंच गया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश की कमी और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के नदारद रहने के कारण यह स्थिति बनी है। यह ग्लोबल वार्मिंग का स्पष्ट संकेत है, जिसका असर रबी की फसलों, खासकर गेहूं पर पड़ने की आशंका है।
मौसम विभाग ने अप्रैल के लिए भी चेतावनी जारी की है कि गर्मी और बढ़ेगी। कई राज्यों ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है और अस्पतालों को हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए तैयार रहने को कहा है। बिजली की मांग में भी अचानक उछाल आया है, जिससे कई राज्यों में पावर कट का संकट गहराने लगा है।
Image Credit: AI Generated
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें और हाइड्रेटेड रहें। यह "अर्ली समर" (Early Summer) भविष्य में आने वाले जलवायु संकट की एक बानगी है।