नई दिल्ली/कीव: रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी भीषण जंग (Russia-Ukraine War) के बीच वहां फंसे करीब 20,000 भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार ने 'ऑपरेशन गंगा' (Operation Ganga) की शुरुआत की है। इस मिशन के तहत एयर इंडिया और भारतीय वायुसेना के विशेष विमानों के जरिए छात्रों को रोमानिया, हंगरी और पोलैंड के रास्ते भारत लाया जा रहा है।
4 केंद्रीय मंत्री मोर्चे पर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपने चार केंद्रीय मंत्रियों—हरदीप सिंह पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरेन रिजिजू और जनरल वीके सिंह—को यूक्रेन के पड़ोसी देशों में 'विशेष दूत' के रूप में भेजा है। इनका काम वहां की सीमाओं पर भारतीय छात्रों की निकासी में समन्वय करना है।
'तिरंगे ने बचाई जान'
भारत लौटे छात्रों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि यूक्रेन में हालात बेहद भयावह हैं। कीव और खार्किव में लगातार बमबारी हो रही है। छात्रों ने बताया कि भारतीय तिरंगा (Tri-colour) उनकी सुरक्षा कवच बना। उन्होंने अपनी बसों पर तिरंगा लगाया, जिससे उन्हें चेकपोस्ट पार करने में आसानी हुई। कई पाकिस्तानी और तुर्की के छात्रों ने भी भारतीय झंडे का सहारा लिया। पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से बात कर भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।