नई दिल्ली: मेडिकल पोस्ट-ग्रेजुएट (NEET PG) प्रवेश का इंतजार कर रहे हजारों डॉक्टरों के लिए सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत की खबर आई है। 7 जनवरी को शीर्ष अदालत ने एक अंतरिम आदेश पारित करते हुए मौजूदा आरक्षण नियमों (27% ओबीसी और 10% ईडब्ल्यूएस) के साथ नीट पीजी काउंसलिंग 2021 (NEET PG Counselling) शुरू करने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के साथ ही देश भर के रेजिडेंट डॉक्टर्स ने अपनी लंबी हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी है।
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि "काउंसलिंग रोकना राष्ट्रहित में नहीं है", खासकर तब जब देश कोविड की तीसरी लहर का सामना कर रहा है और अस्पतालों को डॉक्टरों की सख्त जरूरत है। कोर्ट ने EWS के लिए 8 लाख रुपये की आय सीमा की वैधता पर विस्तृत सुनवाई को मार्च तक के लिए टाल दिया है, लेकिन इस साल के लिए पुरानी सीमा को ही मान्य माना है।
फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) ने फैसले का स्वागत किया है। पिछले एक महीने से दिल्ली समेत देश भर के डॉक्टर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई थीं। अब काउंसलिंग शुरू होने से लगभग 45,000 जूनियर डॉक्टर वर्कफोर्स में शामिल हो सकेंगे, जिससे अस्पतालों पर बोझ कम होगा।