नई दिल्ली: कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच भारत ने आज (10 जनवरी) से अपने टीकाकरण अभियान का विस्तार करते हुए 'प्रिकॉशन डोज' (Precaution Dose) या बूस्टर डोज की शुरुआत कर दी है। पहले चरण में यह खुराक हेल्थकेयर वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 साल से ऊपर के उन बुजुर्गों को दी जा रही है जो गंभीर बीमारियों (Comorbidities) से ग्रस्त हैं।
सरकार के नियमों के अनुसार, दूसरी डोज लगने के 9 महीने (39 सप्ताह) बाद ही यह तीसरी डोज ली जा सकती है। सबसे अहम बात यह है कि तीसरी डोज उसी वैक्सीन की होगी जो पहले दो बार लगी थी (कोविशील्ड वालों को कोविशील्ड और कोवैक्सीन वालों को कोवैक्सीन)। इसके लिए कोविन (CoWIN) पोर्टल पर नए रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है; पात्र लोग सीधे अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं।
पहले ही दिन लाखों लोगों ने उत्साह के साथ टीका लगवाया। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, "भारत के पास अब कोरोना से लड़ने के लिए एक और सुरक्षा कवच है।" देश में कोविड की तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है, और एक दिन में मामले 1.5 लाख के पार पहुंच रहे हैं, ऐसे में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।