Image Source: Wikimedia Commons
नई दिल्ली: भारतीय विमानन इतिहास का एक चक्र आज (27 जनवरी 2022) पूरा हो गया। कर्ज में डूबी सरकारी एयरलाइन एयर इंडिया (Air India) आधिकारिक तौर पर टाटा संस (Tata Sons) को सौंप दी गई। 69 साल पहले 1953 में भारत सरकार ने टाटा एयरलाइंस का राष्ट्रीयकरण कर उसे एयर इंडिया बनाया था, और आज यह एयरलाइन वापस अपने घर यानी टाटा समूह के पास लौट आई है।
रतन टाटा का भावुक संदेश
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर इस डील की औपचारिकताएं पूरी कीं। सरकार ने 18,000 करोड़ रुपये में एयर इंडिया की 100% हिस्सेदारी टाटा को सौंपी है। इस ऐतिहासिक मौके पर रतन टाटा ने एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "वेलकम बैक, एयर इंडिया!" उन्होंने यात्रियों को भरोसा दिलाया कि टाटा समूह एयर इंडिया को दुनिया की सबसे बेहतरीन एयरलाइंस बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्या बदलेगा यात्रियों के लिए?
टाटा ने टेकओवर के पहले दिन ही उड़ानों में बदलाव शुरू कर दिए। केबिन क्रू को नई ग्रूमिंग गाइडलाइंस दी गईं और यात्रियों के लिए खाने (Meal Service) में सुधार किया गया। पायलटों ने उड़ान के दौरान विशेष अनाउंसमेंट कर यात्रियों का स्वागत किया। बिजनेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि टाटा के पास अब विस्तारा, एयरएशिया इंडिया और एयर इंडिया के रूप में एक मजबूत एविएशन पोर्टफोलियो है, जो इंडिगो को कड़ी टक्कर देगा।