नई दिल्ली: भारतीय विमानन इतिहास का एक चक्र आज (27 जनवरी) पूरा हो गया। 69 साल बाद, राष्ट्रीय एयरलाइन Air India आधिकारिक तौर पर अपने मूल मालिकों, टाटा समूह (Tata Group) के पास वापस आ गई है। सरकार ने विनिवेश प्रक्रिया को पूरा करते हुए एयरलाइन का पूरा प्रबंधन और नियंत्रण टाटा संस की सहायक कंपनी टैलेस प्राइवेट लिमिटेड को सौंप दिया है। इस डील की वैल्यू 18,000 करोड़ रुपये है।
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने पीएम मोदी से मुलाकात की और फिर एयर इंडिया हेडक्वार्टर जाकर कमान संभाली। रतन टाटा ने एक भावुक संदेश में "वेलकम बैक एयर इंडिया" कहा। जेआरडी टाटा ने 1932 में टाटा एयरलाइंस की शुरुआत की थी, जिसे 1953 में सरकार ने राष्ट्रीयकृत कर दिया था।
टाटा ने पहले दिन ही बदलावों की शुरुआत कर दी। उड़ानों में 'नमस्ते' के साथ यात्रियों का स्वागत, बेहतर भोजन (Meal Service) और केबिन क्रू को स्मार्ट दिखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, पायलटों की रिकॉर्डेड स्पीच में भी टाटा परिवार में वापसी का जिक्र किया गया। हालांकि, टाटा के सामने 60,000 करोड़ रुपये के कर्ज में डूबी और घाटे में चल रही एयरलाइन को फिर से मुनाफे में लाने और इसकी पुरानी प्रतिष्ठा (महाराजा की शान) लौटाने की बहुत बड़ी चुनौती है।