नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 10वीं और 12वीं की टर्म-1 परीक्षाएं दिसंबर के अंत में समाप्त हो गईं, लेकिन यह पूरी परीक्षा प्रक्रिया विवादों से घिरी रही। पहली बार ओएमआर शीट (OMR Sheet) पर एमसीक्यू (MCQ) फॉर्मेट में हुई इन परीक्षाओं में प्रश्न पत्रों में कई गलतियां और विवादास्पद सवाल पाए गए। विशेषकर 10वीं के अंग्रेजी पेपर में एक पैसेज को लेकर संसद तक में हंगामा हुआ, जिसे बाद में बोर्ड ने हटा दिया और पूरे नंबर देने का फैसला किया।
12वीं के सोशियोलॉजी पेपर में गुजरात दंगों पर पूछे गए सवाल पर भी बोर्ड को माफी मांगनी पड़ी। छात्र और शिक्षक दोनों ही नए फॉर्मेट और आंसर की (Answer Key) में गड़बड़ियों से परेशान रहे। अब लाखों छात्र अपने रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो जनवरी 2022 के मध्य तक आने की उम्मीद है।
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि टर्म-1 के रिजल्ट में कोई भी छात्र 'फेल' या 'पास' घोषित नहीं किया जाएगा, बल्कि सिर्फ मार्क्स बताए जाएंगे। फाइनल रिजल्ट टर्म-2 परीक्षा (जो मार्च-अप्रैल 2022 में सब्जेक्टिव होगी) के बाद दोनों टर्म के मार्क्स जोड़कर जारी किया जाएगा। कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट को देखते हुए टर्म-2 परीक्षा पर भी संशय के बादल मंडराने लगे हैं।