मुंबई: देश के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ (IPO) से निवेशकों को बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन Paytm की शेयर बाजार में एंट्री बेहद निराशाजनक रही। 18 नवंबर को लिस्टिंग के दिन पेटीएम की पैरेंट कंपनी 'वन 97 कम्युनिकेशंस' का शेयर अपने इश्यू प्राइस 2,150 रुपये के मुकाबले भारी गिरावट के साथ खुला और दिन के अंत तक करीब 27% टूटकर 1,564 रुपये पर बंद हुआ। इस गिरावट से निवेशकों के हजारों करोड़ रुपये एक ही दिन में डूब गए।
बाजार विशेषज्ञों ने पेटीएम के महंगे वैल्युएशन और लाभप्रदता (Profitability) के स्पष्ट रोडमैप की कमी को इस गिरावट का मुख्य कारण बताया। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मैक्वायरी (Macquarie) ने पहले ही पेटीएम को 'अंडरपरफॉर्म' रेटिंग दी थी और इसका टारगेट प्राइस 1,200 रुपये बताया था, जिसने बाजार के मूड को और खराब कर दिया। कंपनी के सीईओ विजय शेखर शर्मा की आंखों में लिस्टिंग सेरेमनी के दौरान खुशी के आंसू थे, लेकिन शेयर की कीमत गिरते ही निवेशकों के चेहरे मुरझा गए।
यह 18,300 करोड़ रुपये का आईपीओ था, जो भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ माना जा रहा था। इस फ्लॉप लिस्टिंग ने स्टार्टअप्स के आईपीओ को लेकर भारतीय निवेशकों के उत्साह को थोड़ा ठंडा कर दिया है। विशेषज्ञों ने खुदरा निवेशकों को सलाह दी है कि वे हाइप में आने के बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स देखकर ही निवेश करें।