उत्तर प्रदेश में नए साल की शुरुआत के साथ ही ठंड ने अपना असर तेज कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे शीतलहर की स्थिति बन गई है। सुबह और देर रात घना कोहरा छाए रहने के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है और सड़क व रेल यातायात पर भी असर पड़ा है।
पश्चिमी और मध्य यूपी के जिलों में ठंडी हवाओं के साथ तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। ग्रामीण इलाकों में खुले में काम करने वाले मजदूरों और किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ठंड बढ़ने के कारण लोग अलाव और हीटर का सहारा ले रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। रात के तापमान में और गिरावट हो सकती है, जबकि सुबह के समय कोहरा और घना हो सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से देर रात बाहर न निकलने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है। ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, गर्म भोजन लेने और खुले में देर तक न रुकने की सलाह दी गई है। कई जिलों में रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।