लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों ने राजनीतिक पंडितों के सारे समीकरण ध्वस्त कर दिए हैं। 'अबकी बार 400 पार' का नारा देने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) को उत्तर प्रदेश में करारा झटका लगा है। जिस यूपी के दम पर दिल्ली की सत्ता तय होती है, वहीं भाजपा बहुमत से दूर रह गई। समाजवादी पार्टी (SP) 37 सीटें जीतकर प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि भाजपा 33 सीटों पर सिमट गई है।
अयोध्या में हार, अमेठी में स्मृति ईरानी ढेर: सबसे बड़ा झटका भाजपा को फैजाबाद (अयोध्या) सीट पर लगा है। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के महज 5 महीने बाद ही भाजपा यहाँ चुनाव हार गई। सपा के अवधेश प्रसाद ने भाजपा के लल्लू सिंह को हराकर इतिहास रच दिया। वहीं, अमेठी में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा ने भारी मतों से हरा दिया है। रायबरेली से राहुल गांधी ने रिकॉर्ड तोड़ जीत दर्ज की है।
काम कर गया 'दो लड़कों' का साथ: अखिलेश यादव और राहुल गांधी की जोड़ी (INDIA गठबंधन) ने यूपी में कमाल कर दिया। कांग्रेस ने 6 सीटें जीतकर शानदार वापसी की है। अखिलेश यादव का 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूला और संविधान बदलने का डर (Constitution Narrative) दलित वोटरों को अपने पाले में करने में सफल रहा।
वाराणसी में पीएम मोदी की जीत का अंतर घटा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से तीसरी बार जीत जरूर दर्ज की, लेकिन इस बार उनकी जीत का अंतर (Margin) 2019 के मुकाबले काफी कम (करीब 1.5 लाख) रहा, जो चर्चा का विषय बना हुआ है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि नतीजों की समीक्षा की जाएगी।