जैसे-जैसे कड़ाके की ठंड बढ़ रही है, अस्पतालों में जोड़ों के दर्द, अत्यधिक थकान और मांसपेशियों में खिंचाव की शिकायत करने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। अक्सर हम इसे ठंड का सामान्य असर मानकर इग्नोर कर देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह शरीर में विटामिन D की गंभीर कमी का संकेत हो सकता है।
धूप की कमी से बिगड़ रही है सेहत सर्दियों के मौसम में दिन छोटे होते हैं और कोहरे के कारण धूप ठीक से नहीं निकलती। विटामिन D का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत सूर्य की किरणें हैं। जब शरीर को पर्याप्त धूप नहीं मिलती, तो हमारी हड्डियां कैल्शियम को सोखना बंद कर देती हैं। इसका सीधा असर हमारी इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) पर पड़ता है, जिससे हम बार-बार बीमार पड़ने लगते हैं।
विटामिन D की कमी के प्रमुख लक्षण डॉक्टरों के अनुसार, अगर आपको नीचे दिए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो सावधान हो जाएं:
लगातार थकान रहना: रात भर सोने के बाद भी अगर आप सुबह थका हुआ महसूस करते हैं।
कमर और जोड़ों में दर्द: बिना किसी चोट के हड्डियों में गहरा दर्द होना।
मूड स्विंग और डिप्रेशन: सर्दियों में अक्सर 'सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर' (SAD) की समस्या बढ़ जाती है, जिससे चिड़चिड़ापन होता है।
बालों का झड़ना: पोषक तत्वों की कमी से बालों का गिरना अचानक बढ़ सकता है।
कैसे करें बचाव? सिर्फ धूप ही नहीं, बल्कि आप अपनी डाइट में बदलाव करके भी इस कमी को पूरा कर सकते हैं। अपनी विंटर डाइट में इन चीजों को जरूर शामिल करें:
डेयरी प्रोडक्ट्स: दूध, दही और पनीर का सेवन बढ़ाएं।
मशरूम और अंडे: मशरूम विटामिन D का बेहतरीन वेजिटेरियन सोर्स है, जबकि अंडे की जर्दी भी फायदेमंद है।
ड्राई फ्रूट्स: अखरोट और बादाम हड्डियों को मजबूती देते हैं।
सप्लीमेंट्स: अगर कमी ज्यादा है, तो डॉक्टर की सलाह पर विटामिन D के सप्लीमेंट्स लेना शुरू करें।
विशेषज्ञों की सलाह है कि सुबह की हल्की धूप में कम से कम 20 मिनट बैठना न भूलें, चाहे ठंड कितनी भी हो। यह छोटी सी आदत आपको कई बड़ी बीमारियों से बचा सकती है।