नवाबों के शहर लखनऊ में आज से 'नए उत्तर प्रदेश' की नींव रखने वाला महाकुंभ शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वृंदावन योजना में आयोजित 'यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023' (UP GIS-23) का भव्य उद्घाटन किया। इस समिट में देश-दुनिया के दिग्गज उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया और यूपी में निवेश की झड़ी लगा दी।
33 लाख करोड़ के निवेश का दावा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बताया कि प्रदेश को अब तक करीब 32.92 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव (MoUs) मिले हैं। यह आंकड़ा सरकार के शुरुआती लक्ष्य (10 लाख करोड़) से तीन गुना ज्यादा है। अगर यह निवेश धरातल पर उतरा, तो प्रदेश में 92 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
अंबानी, टाटा और बिड़ला का बड़ा एलान: समिट के मंच से देश के बड़े कॉर्पोरेट घरानों ने यूपी के लिए बड़े वादे किए:
मुकेश अंबानी (Reliance): अगले 4 साल में यूपी में 75,000 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे और जियो 5G को गांव-गांव तक पहुंचाएंगे।
कुमार मंगलम बिड़ला: 25,000 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे।
टाटा संस (N. Chandrasekaran): एयर इंडिया और टीसीएस (TCS) के विस्तार के साथ-साथ आध्यात्मिक पर्यटन में निवेश की बात कही।
पीएम मोदी का संदेश: पीएम मोदी ने कहा, "एक समय था जब यूपी को 'बीमारू' राज्य कहा जाता था, लेकिन आज यूपी भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा है। यहाँ कानून-व्यवस्था सुधरी है और कनेक्टिविटी बेहतर हुई है।"
तीन दिनों तक चलने वाले इस समिट ने लखनऊ को एक ग्लोबल बिज़नेस हब की तरह पेश किया है। अब देखना यह होगा कि एमओयू (MoU) पर हुए ये हस्ताक्षर कितनी जल्दी फैक्ट्रियों और रोजगार में तब्दील होते हैं।