साल 2026 सिर्फ नई उम्मीदें ही नहीं, बल्कि एक नया चुनावी घमासान भी लेकर आया है। इस साल पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी तैयारियां तेज़ कर दी हैं। आज दिल्ली मुख्यालय में पार्टी के शीर्ष नेताओं की एक अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा आगामी चुनावों का रोडमैप तैयार करेंगे।
बंगाल और तमिलनाडु हैं सबसे बड़ी चुनौती बीजेपी के लिए सबसे बड़ी चुनौती पश्चिम बंगाल में अपनी सीटों को बढ़ाना और तमिलनाडु में अपनी पैठ जमाना है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी तमिलनाडु के लिए एक अलग 'साउथ आउटरीच' (South Outreach) प्लान तैयार कर रही है, जिसमें स्थानीय मुद्दों और संस्कृति को केंद्र में रखा जाएगा। वहीं, असम में सत्ता बरकरार रखने के लिए 'डबल इंजन सरकार' के विकास कार्यों को जनता तक पहुँचाने की रणनीति बनाई गई है।
पीएम मोदी करेंगे रैलियों का आगाज़ खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनवरी के दूसरे हफ्ते से ही इन चुनावी राज्यों का दौरा शुरू कर सकते हैं। वे कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और जनसभाओं को संबोधित करेंगे। पार्टी का लक्ष्य है कि लोकसभा चुनाव के बाद बनी 'विकसित भारत' की लहर को इन विधानसभा चुनावों में भी भुनाया जाए। विपक्ष के बिखराव के बीच बीजेपी इस मौके को हाथ से जाने नहीं देना चाहती।