उत्तर प्रदेश के बहराइच (Bahraich) जिले के महसी तहसील के 35 गांवों में सूरज ढलते ही सन्नाटा पसर जाता है। पिछले डेढ़ महीने से यहाँ 'आदमखोर भेड़ियों' के झुंड ने ऐसा कोहराम मचाया है कि लोग रातों को जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। अब तक इन भेड़ियों के हमले में 8 बच्चों समेत 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है और 30 से ज्यादा लोग घायल हैं।
योगी सरकार का 'ऑपरेशन भेड़िया': मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश के बाद वन विभाग और पुलिस ने भेड़ियों को पकड़ने के लिए 'ऑपरेशन भेड़िया' (Operation Bhediya) छेड़ रखा है। 25 टीमें, 200 वनकर्मी, थर्मल ड्रोन कैमरे और जाल बिछाकर भेड़ियों की तलाश की जा रही है। बड़ी कामयाबी तब मिली जब वन विभाग ने झुंड के चौथे भेड़िये को पकड़ लिया।
'लंगड़ा सरदार' बना चुनौती: वन विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि इस झुंड का नेतृत्व एक लंगड़ा भेड़िया (Alpha Male) कर रहा है, जो बेहद चालाक है। अभी भी 2 भेड़िये (जिनमें वो अल्फा मेल भी शामिल है) गन्ने के खेतों में छिपे हैं और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट आदेश दिया है कि अगर पकड़ना संभव न हो, तो आदमखोर को देखते ही गोली मार दी जाए (Shoot at sight)।
दहशत में बचपन: हालत यह है कि माएं अपने बच्चों को साड़ी से बांधकर सो रही हैं। भेड़ियों ने घर के आंगन से बच्चों को उठाने की जो घटनाएं अंजाम दी हैं, उससे ग्रामीणों में भारी गुस्सा और डर है। वन मंत्री अरुण सक्सेना खुद मौके पर कैंप कर रहे हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों को रात में खुले में न सोने की सलाह दी है।