मुंबई: भारतीय ई-कॉमर्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी फ्लिपकार्ट (Flipkart) ने आज शेयर बाजार में कदम रखते ही इतिहास रच दिया। वॉलमार्ट (Walmart) के स्वामित्व वाली इस कंपनी का आईपीओ (IPO) आज लिस्ट हुआ और इसने भारतीय शेयर बाजार के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड बना दिया। एलआईसी (LIC) के बाद यह देश का सबसे चर्चित पब्लिक इश्यू था। लिस्टिंग के पहले ही दिन शेयर अपने इश्यू प्राइस से 25% प्रीमियम पर खुला, जिससे निवेशकों की चांदी हो गई।
फ्लिपकार्ट की बाजार वैल्यू (Valuation) अब 100 अरब डॉलर (करीब 8.3 लाख करोड़ रुपये) को पार कर गई है, जो इसे भारत की सबसे मूल्यवान इंटरनेट कंपनियों में से एक बनाती है। कंपनी ने इस आईपीओ के जरिए बाजार से करीब 25,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। विश्लेषकों का कहना है कि फेस्टिव सीजन की बंपर सेल और मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क ने निवेशकों का भरोसा जीता है। सचिन बंसल और बिन्नी बंसल द्वारा एक छोटे से बुकस्टोर के रूप में शुरू की गई यह कंपनी आज भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का सबसे बड़ा सफलता का उदाहरण बन गई है।
सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति ने कहा, "यह सिर्फ एक लिस्टिंग नहीं है, बल्कि भारत की डिजिटल इकोनॉमी की परिपक्वता का प्रमाण है। हम इस पूंजी का उपयोग अपनी क्विक कॉमर्स सर्विस (Quick Commerce) और टियर-3 शहरों में विस्तार के लिए करेंगे।"
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इस आईपीओ से फ्लिपकार्ट के हजारों कर्मचारियों को भी फायदा हुआ है, जिनके पास ESOPs (Employee Stock Options) थे। कई कर्मचारी रातों-रात करोड़पति बन गए हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लिपकार्ट की सफलता अन्य यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स (जैसे Swiggy, Oyo) को भी अपना आईपीओ लाने के लिए प्रेरित करेगी।