नई दिल्ली: संसद के विशेष सत्र के दौरान मोदी सरकार ने बहुप्रतीक्षित 'वन नेशन, वन इलेक्शन' (One Nation One Election) विधेयक को लोकसभा में पेश कर दिया है। रामनाथ कोविंद समिति की रिपोर्ट के आधार पर तैयार किए गए इस बिल का उद्देश्य 2029 से देश में लोकसभा और सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराना है।
सरकार का तर्क: पैसा और समय बचेगा
कानून मंत्री ने सदन में कहा, "भारत हमेशा चुनावी मोड में रहता है, जिससे विकास कार्य रुक जाते हैं और हजारों करोड़ रुपये खर्च होते हैं। एक साथ चुनाव कराने से देश की जीडीपी को फायदा होगा और स्थिरता आएगी।" बिल के मुताबिक, इसके लिए संविधान में संशोधन किया जाएगा और राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल घटाया या बढ़ाया जा सकेगा।
विपक्ष ने बताया 'संविधान पर हमला'
कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके समेत विपक्षी दलों ने बिल की कॉपी फाड़कर विरोध जताया। राहुल गांधी ने कहा, "यह भारत के संघीय ढांचे (Federal Structure) पर सीधा हमला है। क्षेत्रीय पार्टियों को खत्म करने की साजिश है।" हालांकि, सरकार को उम्मीद है कि एनडीए के बहुमत और कुछ तटस्थ दलों के समर्थन से यह बिल पास हो जाएगा।