नई दिल्ली: मानसून के साथ हर साल आने वाले डेंगू (Dengue) के कहर से भारत को जल्द ही आजादी मिलने वाली है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने मिलकर आज भारत की पहली स्वदेशी डेंगू वैक्सीन 'डेंगीशील्ड' (DengiShield) लॉन्च कर दी है। क्लीनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में यह वैक्सीन 95% तक प्रभावी पाई गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने इसे 'ऐतिहासिक उपलब्धि' बताते हुए कहा कि यह वैक्सीन अगले महीने से सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध होगी।
अब तक डेंगू का कोई स्पेसिफिक इलाज या टीका मौजूद नहीं था, सिर्फ लक्षणों का प्रबंधन किया जाता था। यह वैक्सीन डेंगू के चारों स्ट्रेन (DENV-1, 2, 3, 4) के खिलाफ कारगर है। सबसे खास बात यह है कि यह सिंगल-डोज वैक्सीन है और इसकी कीमत मात्र 500 रुपये रखी गई है, ताकि यह आम आदमी की पहुंच में रहे। सरकार ने इसे राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान (National Immunization Program) में शामिल करने की योजना बनाई है, जिससे बच्चों को यह मुफ्त दी जा सकेगी।
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह वैक्सीन शरीर में एंटीबॉडी बनाती है जो वायरस के हमले को बेअसर कर देती है। ट्रायल के दौरान जिन लोगों को वैक्सीन दी गई, उनमें डेंगू होने पर भी अस्पताल में भर्ती होने की नौबत नहीं आई। यह भारत के बायोटेक सेक्टर की एक और बड़ी जीत है।
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हर साल भारत में लाखों लोग डेंगू से पीड़ित होते हैं और सैकड़ों की जान जाती है। इस वैक्सीन के आने से न केवल जान बचेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाला बोझ भी कम होगा। डब्ल्यूएचओ (WHO) ने भी भारत की इस सफलता की सराहना की है और इसे अन्य उष्णकटिबंधीय देशों (Tropical Countries) के लिए एक मॉडल बताया है।