नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन मोदी सरकार ने अपने एजेंडे का सबसे महत्वपूर्ण विधेयक 'समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक, 2025' लोकसभा में पेश कर दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने बिल पेश करते हुए कहा कि यह देश में समानता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए संविधान निर्माताओं का सपना था।
इस बिल का उद्देश्य विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों में सभी धर्मों के लिए एक समान कानून लागू करना है। कांग्रेस, टीएमसी और एआईएमआईएम समेत विपक्षी दलों ने सदन में भारी हंगामा किया और इसे धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ बताया। उत्तराखंड में यूसीसी लागू होने के बाद अब इसे केंद्रीय स्तर पर लाया गया है।
सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक इस बिल पर तीखी बहस छिड़ गई है। सरकार ने इसे महिलाओं के अधिकारों के लिए मील का पत्थर बताया है। इसे पास कराने के लिए सरकार को राज्यसभा में कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है।