श्रीहरिकोटा: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपनी नेविगेशन प्रणाली NavIC (नाविक) को और मजबूत करने के लिए अगली पीढ़ी का नेविगेशन सैटेलाइट NVS-02 सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। जीएसएलवी (GSLV) रॉकेट के जरिए इसे पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया गया।
इस सैटेलाइट में पहली बार स्वदेशी 'रूबिडियम परमाणु घड़ी' (Rubidium Atomic Clock) का इस्तेमाल किया गया है, जो जीपीएस की सटीकता को बढ़ाएगी। इसका फायदा न केवल सेना को बल्कि आम नागरिकों को मैप्स और लोकेशन सेवाओं में मिलेगा। अब मोबाइल फोन्स में NavIC सपोर्ट अनिवार्य होने के बाद यह लॉन्च और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
इसरो चेयरमैन ने बताया कि यह सैटेलाइट 12 साल तक सेवा देगा और अमेरिकी जीपीएस पर भारत की निर्भरता को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में एक और कदम है।