धोलेरा (गुजरात): 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को आज (15 मार्च 2025) एक नई उड़ान मिली है। गुजरात के धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (DSIR) में स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (Tata Electronics) और ताइवान की PSMC के संयुक्त वेंचर वाले फैब्रिकेशन प्लांट (Fab) से भारत की पहली कमर्शियल सेमीकंडक्टर चिप बनकर तैयार हो गई है। यह क्षण भारत को वैश्विक चिप सप्लाई चेन में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करता है।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहली चिप का अनावरण किया। उन्होंने कहा, "आज हमने सिलिकॉन वैली को भारत में उतार दिया है। अब हमारे मोबाइल, कार और लैपटॉप में 'मेड इन इंडिया' चिप होगी।" शुरुआती चरण में यहां 28nm (नैनोमीटर) टेक्नोलॉजी वाली चिप्स का उत्पादन शुरू हुआ है, जिनका उपयोग पावर मैनेजमेंट आईसी, डिस्प्ले ड्राइवर और माइक्रोकंट्रोलर्स में किया जाएगा।
यह प्लांट 91,000 करोड़ रुपये के निवेश से बना है। इसके शुरू होने से भारत को हर साल अरबों डॉलर के चिप आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी, जो अब तक चीन, ताइवान और कोरिया से आते थे। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इसे भारत की डिजिटल संप्रभुता के लिए एक बड़ा कदम बताया।
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असम के जागीरोड में भी टाटा का एक और असेंबली प्लांट तेजी से काम कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2030 तक भारत दुनिया का सेमीकंडक्टर हब बन सकता है, जिससे लाखों हाई-टेक नौकरियां पैदा होंगी।