वडोदरा/मुंबई: भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर इतिहास में आज (10 मार्च 2025) एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 1,386 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) के अंतिम चरण का उद्घाटन कर दिया है। अब देश की राजधानी दिल्ली से आर्थिक राजधानी मुंबई का सफर कार से महज 12 घंटे में पूरा किया जा सकेगा, जिसमें पहले 24 घंटे लगते थे।
इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना
यह 8-लेन (भविष्य में 12-लेन तक विस्तार योग्य) का एक्सप्रेसवे 5 राज्यों—हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र—से होकर गुजरता है। इस पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किमी/घंटा तय की गई है। खास बात यह है कि इसमें हर 50 किलोमीटर पर 'वे-साइड एमिनिटीज' (Way-side Amenities) हैं, जिनमें होटल, रेस्तरां, ट्रॉमा सेंटर और इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन शामिल हैं।
अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार
नितिन गडकरी ने कहा, "यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक प्रगति की जीवनरेखा है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी आएगी और सालाना करोड़ों लीटर ईंधन की बचत होगी।" एक्सप्रेसवे के किनारे स्मार्ट सिटी और लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किए जाएंगे। इसके खुलने से जयपुर, कोटा, इंदौर और वडोदरा जैसे शहरों की कनेक्टिविटी और व्यापार में जबरदस्त उछाल आएगा।