श्रीहरिकोटा: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने मानव अंतरिक्ष मिशन 'गगनयान' की दिशा में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार कर लिया है। 28 फरवरी को इसरो ने गगनयान के पहले मानवरहित मिशन (G1 Mission) को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। LVM3 रॉकेट ने महिला रोबोट एस्ट्रोनॉट 'व्योममित्र' (Vyommitra) के साथ उड़ान भरी और मॉड्यूल को सुरक्षित कक्षा में स्थापित कर दिया।
व्योममित्र ने अंतरिक्ष से तकनीकी डेटा और 'जय हिंद' का संदेश भेजा, जो मिशन कंट्रोल सेंटर में गूंज उठा। यह रोबोट इंसानी गतिविधियों की नकल करने और जीवन रक्षक प्रणालियों की जांच करने में सक्षम है। मिशन के बाद क्रू मॉड्यूल की बंगाल की खाड़ी में सुरक्षित रिकवरी भी कर ली गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब भारतीय अंतरिक्ष यात्री अपने ही रॉकेट से अंतरिक्ष में जाएंगे। यह सफलता 2025 के अंत में होने वाले मानव मिशन (H1) के लिए रास्ता साफ करती है।