नई दिल्ली: जलवायु परिवर्तन और बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए संसद ने 'आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2024' को मंजूरी दे दी है। इस बिल के जरिए 2005 के कानून में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। अब राष्ट्रीय और राज्य स्तर के साथ-साथ शहरों के लिए भी अलग 'शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण' बनाने का प्रावधान किया गया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह बिल आपदाओं का डेटाबेस तैयार करने और समय पर राहत पहुंचाने में मदद करेगा। बिल में आपदा न्यूनीकरण कोष (Disaster Mitigation Fund) का भी प्रावधान है। विपक्ष ने चर्चा के दौरान वायनाड भूस्खलन और चेन्नई बाढ़ का मुद्दा उठाया।
नया कानून गर्मी (Heatwave) और बिजली गिरने जैसी घटनाओं को भी आपदा के रूप में मान्यता देने की दिशा में काम करेगा। यह कदम भारत को आपदा-प्रतिरोधी (Disaster Resilient) बनाने के लिए अहम है।