कोलंबो: भीषण आर्थिक संकट और जनविद्रोह के दो साल बाद, श्रीलंका की जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है। मार्क्सवादी नेता अनुरा कुमार दिसानायके (Anura Kumara Dissanayake) ने राष्ट्रपति चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। उन्होंने मौजूदा राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे और विपक्ष के नेता साजिद प्रेमदासा को हराया।
55 वर्षीय दिसानायके 'नेशनल पीपुल्स पावर' (NPP) गठबंधन के नेता हैं और उनकी छवि भ्रष्टाचार विरोधी और आम आदमी के नेता की है। उनकी जीत श्रीलंका की पारंपरिक राजनीति से हटकर है। भारत ने सतर्क प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा कि श्रीलंका भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति में विशेष स्थान रखता है।
दिसानायके को चीन का करीबी माना जाता है, जिससे भारत के लिए रणनीतिक चिंताएं बढ़ सकती हैं। हालांकि, उन्होंने कहा है कि वह किसी एक देश का पक्ष नहीं लेंगे और श्रीलंका के हितों को सर्वोपरि रखेंगे। शपथ लेते ही उन्होंने संसद भंग कर नए आम चुनाव कराने का ऐलान किया।