हाथरस: उत्तर प्रदेश के हाथरस (Hathras) जिले के रतिभानपुर गांव में आज (2 जुलाई) एक ऐसा दिल दहला देने वाला हादसा हुआ जिसने पूरे देश को रुला दिया। स्वयंभू संत नारायण साकार हरि उर्फ 'भोले बाबा' (Bhole Baba) के सत्संग के समापन के बाद मची भीषण भगदड़ में 121 श्रद्धालुओं की कुचलकर मौत हो गई। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
कैसे हुआ इतना बड़ा हादसा?
चश्मदीदों और पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, सत्संग खत्म होने के बाद जब बाबा का काफिला निकल रहा था, तो श्रद्धालु उनकी गाड़ी के पीछे भागे और उनके टायरों की धूल (चरण रज) उठाने की होड़ मच गई। इसी दौरान बाबा के निजी सुरक्षा गार्डों ने भीड़ को धक्का दिया। बारिश के कारण वहां कीचड़ था, जिससे लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए और उठ नहीं पाए।
लाशों का ढेर देख सहम गया देश
मंजर इतना भयावह था कि अस्पतालों में लाशों का ढेर लग गया। अपनों को खोजने के लिए लोगों की चीख-पुकार मची थी। प्रशासन की लापरवाही भी उजागर हुई है—80,000 की अनुमति थी, लेकिन भीड़ 2.5 लाख पहुंच गई थी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने घटना स्थल का दौरा किया और न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। मुख्य सेवादार समेत कई लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है, लेकिन भोले बाबा अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।