दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल): 17 जून की सुबह पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में एक बड़ा रेल हादसा हुआ। अगरतला से सियालदह जा रही कंचनजंगा एक्सप्रेस (13174) को रंगापानी स्टेशन के पास पीछे से आ रही एक मालगाड़ी ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक्सप्रेस ट्रेन की तीन बोगियां पटरी से उतर गईं और एक बोगी मालगाड़ी के इंजन के ऊपर चढ़ गई।
हादसे में मालगाड़ी के लोको पायलट और कंचनजंगा एक्सप्रेस के गार्ड समेत 10 लोगों की मौत हो गई और 40 से अधिक यात्री घायल हुए। रेलवे की शुरुआती जांच में इसे 'मानवीय भूल' बताया गया है; मालगाड़ी के ड्राइवर ने सिग्नल की अनदेखी की थी। ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम खराब होने के कारण मैनुअल मेमो पर गाड़ियां चल रही थीं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घटनास्थल का दौरा किया और मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की। इस हादसे ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा कवच (Kavach) को जल्द से जल्द लागू करने की बहस छेड़ दी है।